एकदम सच्ची बात फ़िराक गोरखपुरी कि कलम से ..........
घर लौट के बहुत रोये मा बाप अकेले मे
मिट्टी के खिलौने भी सस्ते नही थे मेले मे
Showing posts with label ब्लागगिरी. Show all posts
Showing posts with label ब्लागगिरी. Show all posts
Tuesday, 13 May 2008
Subscribe to:
Posts (Atom)
