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Saturday, 17 May 2008

शक O' शुबहे का शेर



सूरत की तो वो बुरी नहीं औ' सीरत हमारी भी नेक है
जाने क्यों दिल कहता है मगर की वो ' ब्लॉग I.D.' फेक' है !

Thursday, 3 April 2008

कुछ तो शरम कर

चिजे महँगी है ,लोग सस्ते है ,दुनिया सस्ती है, ये मैदान भी सस्ता है, हम भी सस्ते है ,युँ कि सस्ता होने मे फ़यदा भी है क्योकि महँगी चिजे ,फ़र्स्ट क्लास अवेन्यु मे ही बिकती है जब्कि सस्ता तो होल इंडिया मे बिकता है ,तो अर्ज है सस्ते मगर मार्के की बात ""

कुत्ता भी खाये रोटी तो होता वफ़ादार "
तुने दूध पिया उसका ,कुछ तो धरम रख "
माँ कि दवाई बंद कर पीता रहा शराब "
ऐ बदलते आदमी ,कुछ तो शरम रख "