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Thursday, 22 May 2008

ज़िन्दगी की राहें मुश्किल हैं तो क्या हुआ

ज़िन्दगी की राहें मुश्किल हैं तो क्या हुआ
थोड़ा सा तुम चलो, थोड़ा सा हम ...







फिर रिक्शा कर लेंगे

(आज सुबह मिला एक एस एम एस)

Sunday, 28 October 2007

महबूबा की याद

महबूबा की याद में डिसेंट्री हो गई
बहती है आँख मेरी राह बदलकर