बहुत दिन से सुन रहां हूं सस्ते शेर,
आपकी बकबक, इनकी बकबक ,उनकी बकबक।
बर्दाश्त की हो गई है हद,खामोश हो जा ,या
और बक ,खूब बक , मेरी बला से करेजा बकबक।
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Sunday, 11 January 2009
Monday, 5 May 2008
Sunday, 9 March 2008
अब्बा बना गई
टूटे हुए दिल को मुरब्बा बना गई , घर को मेरे कचरे का डब्बा बना गई /
शादी को अभी तीन महीने भी नही गुजरे , ना जाने किस हिसाब से अब्बा बना गई /
Wednesday, 19 December 2007
Monday, 26 November 2007
अकल से मोटा
अकल से मोटा हमारा चाम होना चाहिऐ /
हो भले थू- थू मगर कुछ नाम होना चाहिऐ //
प्यार करने के लिए काफी कलेजा ही नही /
बाप से बेटा तनिक बदनाम होना चाहिऐ //
हो भले थू- थू मगर कुछ नाम होना चाहिऐ //
प्यार करने के लिए काफी कलेजा ही नही /
बाप से बेटा तनिक बदनाम होना चाहिऐ //
Wednesday, 24 October 2007
Sunday, 14 October 2007
मुझे जला देना या
मुझे जला देना या दफना देना ,
मरते समय एक घूंट रम पिला देना /
मै ताजमहल नही मांगता यारो ,
मेरी कब्र पर एक गर्ल्स होस्टल खुलवा देना //
मरते समय एक घूंट रम पिला देना /
मै ताजमहल नही मांगता यारो ,
मेरी कब्र पर एक गर्ल्स होस्टल खुलवा देना //
Saturday, 13 October 2007
Friday, 12 October 2007
Saturday, 6 October 2007
Friday, 5 October 2007
ऋतू बीत ना जाये सावन की
हे अष्ठपुत्री सौभाग्यावती ना सोचो नैहर जावन की
दिल मे उमंग अब भी मेरे, हो भले उमरिया बावन की
अब तो हो सजनी लूप्वती चिन्ता ना किसी के आवन की
सारा आसाढ़ यूं ही बीता ऋतु बीत ना जाये सावन की
दिल मे उमंग अब भी मेरे, हो भले उमरिया बावन की
अब तो हो सजनी लूप्वती चिन्ता ना किसी के आवन की
सारा आसाढ़ यूं ही बीता ऋतु बीत ना जाये सावन की
Wednesday, 3 October 2007
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